मानवता का मंदिर – लोकहितकारी ट्रस्ट की सेवा यात्रा

लोकहितकारी ट्रस्ट, ग्वालियर की पहचान बन चुका है। यह संस्था न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मदद करती है, बल्कि लोगों को सेवा और सहयोग का सच्चा अर्थ भी सिखाती है।

प्रारंभ की कहानी

1994 में जब लोकहितकारी ट्रस्ट की नींव रखी गई, तो मात्र ₹200 से यह सहयोग यात्रा शुरू हुई थी। आज हजारों लोग हर माह इस संस्था को स्वेच्छा से आर्थिक सहायता प्रदान करते हैं। यही कारण है कि बिना किसी सरकारी मदद के भी यह संस्था हर माह लगभग ₹1 लाख मूल्य की दवाएँ निःशुल्क वितरित कर पाती है।

अस्पताल और सेवाएँ

संस्था लोहमंडी स्थित अपने चिकित्सालय में गरीबों का इलाज करती है। यहाँ डॉक्टरों की टीम दिनभर मरीजों की जांच करती है और जरूरतमंदों को सभी सुविधाएँ देती है

  • निःशुल्क एक्स-रे
  • पैथोलॉजी जाँच
  • खून, मल-मूत्र जांच
  • विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श

डॉक्टरों और समाजसेवियों का योगदान

ग्वालियर के प्रमुख चिकित्सक जैसे डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. वीरेन्द्र माहेश्वरी, डॉ. श्रुति जैन, डॉ. ख्वाजे मसीह आदि स्वेच्छा से मरीजों का मुफ्त इलाज करते हैं। इनके साथ समाजसेवी श्री सुरेश घोडके जैसे लोग संस्था के लिए सतत सहयोग कर रहे हैं।

विशेष सेवाएँ

संस्था सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं है।

  • शव-वाहिनी सेवा: डॉ. महेश मिश्रा एवं श्री शैलेन्द्र मिश्रा के सौजन्य से संचालित।
  • नेत्र चिकित्सालय: डॉ. पुरेन्द्र भसीन एवं डॉ. प्रियम्बदा भसीन द्वारा रतन ज्योति नेत्र चिकित्सालय में निःशुल्क नेत्र उपचार।

श्रद्धांजलि के रूप में दान

कई परिवार अपने दिवंगत परिजनों की पुण्यतिथि पर यहाँ आकर एक दिन की दवाएँ दान करते हैं। वर्धमान या विवाह वर्षगाँठ जैसे अवसरों पर भी लोग यहाँ दवा वितरण कर पुण्य अर्जित करते हैं।

निष्कर्ष

लोकहितकारी ट्रस्ट ने यह सिद्ध कर दिया है कि सेवा ही सबसे बड़ी साधना है। इस संस्था ने ग्वालियर में मानवता की वह रोशनी जलाई है जो न केवल आज, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक उजाला फैलाएगी।